वास्तु विचार के अनुसार रचे गए 15 मुख्य द्वार डिजाइन

Request quote

Invalid number. Please check the country code, prefix and phone number
By clicking 'Send' I confirm I have read the Privacy Policy & agree that my foregoing information will be processed to answer my request.
Note: You can revoke your consent by emailing privacy@homify.com with effect for the future.

वास्तु विचार के अनुसार रचे गए 15 मुख्य द्वार डिजाइन

Rita Deo Rita Deo
3 BHK Duplex:  Houses by ZEAL Arch Designs
Loading admin actions …

वास्तु शास्त्र न केवल समग्र रूप से घर में ज़रूरी चीज़ो को सजाने का तरीका बताता है बल्कि शांत वातावरण बनाये रखने पर बहुत महत्व देता है । क्योकि मुख्य द्वार भी घर से अलग नहीं है इस विचार पुस्तक में हम देखेंगे वास्तु शास्त्र का उसपर क्या असर होता है ।

वास्तु शास्त्र के  मानदंडों के अनुसार आपके घर के मुख्य द्वार को बनाने या पुनर्निर्मित करने के 15 उपाय यहां दिए गए हैं।

1. लकड़ी की गुणवत्ता

आपके घर के सामने का दरवाज़ा सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले ऊर्जा का स्वागत करने के लिए गुणवत्ता वाली लकड़ी का होना चाहिए।

2. सामने के दरवाजे के लिए दिशा

वास्तु शास्त्र के दिशानिर्देशों के अनुसार पूर्व दिशा मुख्य द्वार के लिए सबसे अच्छी जगह है। यह सुबह के सूर्योदय, ताजी हवा और प्रकाश की अनुमति देता है इसलिए अपने घर में मुख्य द्वार यही रखें।

3. मुख्य द्वार सबसे बड़ा होना चाहिए

अन्य दरवाजों की तुलना में घर का मुख्य दरवाजा आकार में सबसे बड़ा होना चाहिए। वास्तु शास्त्र का कहना है कि यह पहला दरवाजा है जिसके माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है और इसलिए यह आकार में बड़ा होना चाहिए।

4. दो पाटो वाला दरवाजा

The main door:  Windows by Hasta architects
Hasta architects

The main door

Hasta architects


घर के प्रवेश द्वार में ज़रुरत के अनुसार एक या दो पाट हो सकते हैं और आप एक को हमेशा बंद रख कर दुसरे को अंदर-बाहर आने जाने के लिए इस्तेमाल कर सकते है। यदि आप अपने घर के प्रवेश द्वार के लिए एक दो शटर दरवाजा शामिल कर रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि खुलने वाला द्वार दक्षिणावर्त दिशा में खुले।

5. मुख्य द्वार को प्रकाश दें

वास्तु शास्त्र मुख्य द्वार को चमकीले ढंग से प्रकाशमान रखने पर बल देता है। सुनिश्चित करें कि हमेशा प्रवेश द्वार और उसके आस-पास का स्थान हमेशा चमकता रहे। आप सामने के दरवाजे पर कुछ आकर्षक रोशनदान और ज़मीन पर सजने वाले लाइटिंग से प्रवेश द्वार को सजा सकते हैं।

6. नाम पट्टी का महत्व

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के सामने नाम या नंबर प्लेट का होना बहुत ज़रूरी है। सामने के गेट के बाहर की एक खूबसूरत नाम की प्लेट धन, समृद्धि और खुशी को आमंत्रित करती है।

7. चौखट महत्वपूर्ण है

वास्तु का कहना है कि घर में धन का नुकसान होने से बचने के लिए प्रत्येक मुख्य द्वार या घर के आँगन की सीमा होनी चाहिए। एक दहलीज मूल रूप से एक घर या एक कमरे के प्रवेश द्वार के नीचे स्थित पत्थर या लकड़ी की पट्टी के रूप में होती है। जब आपका सपनो का घर बना रहा हो तो इस कारक को ध्यान में रखें।

8. आकर्षक मुख्य द्वार

कभी भी अपने घर के द्वार या मुख्य दरवाज़े को सादा या निरुत्साह न रखें, कोशिश करें की हरियाली, तेजस्वी लाइटिंग डिजाइन, या उज्ज्वल रंगों के माध्यम से इसे सुंदर बनाएं। आकर्षक द्वार बनाने के लिए सुखद और सुन्दर फूल के पौधों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

9. ज़मीन से दरवाज़े का स्तर ऊंचा रखे

अगर आपका घर रास्ते के स्तर में है तो सामने के दरवाजे को हमेशा जमीन से कुछ स्तर ऊपर होना चाहिए। यदि आप सामने वाले दरवाजे के आगे सीढियाँ रखते हैं तो ऐसे रखिये की  आने वालो के पदचिन्हों की संख्या असामान्य हो।

10. द्वार पर छाया या अंधकार न हो

प्रतिच्छाया या अन्धकार कभी भी अच्छे या सकारात्मक विषयवस्तु से नहीं जुड़ा होता है इसलिए, सामने के दरवाजे को इस तरह रखें कि इस पर कोई छाया या प्रतिच्छाया न हो।

11. दो दरवाज़े आस पास

Sajeev kumar and family's Residence at Girugambakkam:  Corridor & hallway by  Murali architects
Murali architects

Sajeev kumar and family's Residence at Girugambakkam

Murali architects

वास्तु का कहना है कि अगर आपके घर में दो प्रवेश दरवाजे हैं तो एक मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं जबकि दूसरे का उपयोग निकास द्वार के रूप में किया जाता है। इसके अलावा, यदि आप अपने संबंधित प्रयोजनों के लिए दो दरवाजे बनाना चाहते हैं तो मुख्य दरवाज़ा को प्रवेश द्वार बना कर पीछे के दरवाजे से अलग रखने की सलाह दी जाती है।

12. छोटे से बाहर निकलें

आपके घर के बाहर निकलने का दरवाज़ा हमेशा घर के प्रवेश द्वार से छोटा होना चाहिए।

13. प्रवेश द्वार को कोनो से दूर रखे

 - घर के प्रवेश द्वार को निकटतम कोने से कम से कम एक फुट दूर होना चाहिए। हालांकि, यदि संभव हो तो, कोनों को प्रवेश द्वार से अच्छी दूरी पर रखना चाहिए, लेकिन यदि नहीं, तो सिर्फ एक या दो फुट भी काफी है ।

14. दरारें वाले दोषपूर्ण दरवाजे बदलें

 Windows & doors  by Modern Doors Ltd
Modern Doors Ltd

Modena Oak Side Panel Door Set

Modern Doors Ltd

कभी फटा या क्षतिग्रस्त वाले मुख्य द्वार या किसी और घर से निकाला हुआ पुराना दरवाज़ा का उपयोग न करें। वास्तु के अनुसार जितनी जल्दी हो सके,किसी भी नुकसान से बचने के लिए इन वृद्ध द्वारों को हटा कर नए द्वार को प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए।

15. मुख्य दरवाजे के सामने कोई दीवार नहीं

 Houses by Jenny Mills Architects
Jenny Mills Architects

The Front Door to the House

Jenny Mills Architects

सुनिश्चित करें कि आपके घर का मुख्य दरवाज़ा किसी भी जीर्ण या क्षतिग्रस्त इमारत या दीवार का सामना नहीं कर रहा है। सहायता के लिए वास्तु विशेषज्ञ के साथ संपर्क में रहें।


कुछ और अधिक उपयोगी विचारों के लिए इस आईडाबूक को देखना न भूले।

आपको यह मुख्या द्वार कैसे लगे, हमें बताना न भूलें ।
 Houses by Casas inHAUS


Need help with your home project? We'll help you find the right professional

Discover home inspiration!