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घर बनाने से पहले इन 12 वास्तु सिद्धांतों पर विचार करें

Rita Deo Rita Deo
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वास्तु शास्त्र या वास्तुकला का विज्ञान भारत में एक निर्माण स्थल की तैयारी करते हुए, डिजाइनिंग और घर के स्थानिक व्यवस्था पर निर्णय लेने के दौरान आयु वर्ग के माध्यम से नियोजित किया जाता है। इस विज्ञान को घर में ऊर्जा की सही मात्रा को बनाये रखने के साथ-साथ शांति, समृद्धि और सुख  को बनाये रखने के लिए किया जाता है। वास्तु न केवल प्रत्येक कमरे की स्थिति, लेआउट या दिशा से संबंधित है, यह आपको रंगों और सजावटी तत्वों के सबसे अधिक वांछनीय उपयोग की सलाह भी देता है।

निवास के निर्माण के दौरान इन 12 महत्वपूर्ण युक्तियों को ध्यान में रखने से आपका घर बिना किसे त्रुटियों के बिना सपन्न रूप से पूर्ण होगा। ये बुनियादी सिद्धांत आपको एक शांत और आरामदायक घर बनाने में मदद करेंगे, जो यह सुनिश्चित करेगा कि आप हमेशा वह सब चीजें प्राप्त करें जो आपके समृद्धिपूर्ण जीवन के लिए अनिवार्य हैं।


 

1. घर का प्रवेश द्वार

चूंकि सूरज पूर्व में उगता है और ऊर्जा और प्रकाश का एक अपराजेय स्रोत है, इसलिए आपके घर का प्रवेश पूर्व की ओर खुलना चाहिए। यदि आपके प्रवेश द्वार किसी अन्य दिशा में पहले से ही बनाया गया है, तो आप इस वास्तु सिद्धांत को पूरा करने के लिए पूर्व की ओर एक बड़ी खिड़की बना सकते हैं।

2. दक्षिण में शयनकक्ष

गहरी शांतिपूर्ण नींद के लिए, दक्षिण-पश्चिमी कोने को शयनकक्ष के लिए शुभ माना जाता है। इसलिए दक्षिण, पूर्व या पश्चिम कोने में बिस्तर रखें, लेकिन उत्तर की ओर कभी नहीं। अपने बेडरूम जीवंत और मनभावन बनाने के लिए हलके रंगों का चयन करें।

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Lion Head Water Fountain

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3. उत्तरी कोने

वाटररूम, पूल, तालाबों या यहां तक कि एक आरओ जल निस्पंदन इकाई जैसे पानी के तत्वों को आपके घर के उत्तरी कोने में रखा जा सकता है। यह स्थिर वित्तीय विकास सुनिश्चित करेगा यदि आपके पास सख्ती से उत्तरी कोने नहीं है, तो उत्तर-पूर्व कोने के लिए जाएं

4. सही पौधों का चयन

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Passage area

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आंतरिक हरियाली घर के भीतरी हिस्सों में ताजगी और जीवंतता जोड़ती है, लेकिन सही पौधों को चयन ज़रूरी है जो वातावरण को स्वच्छ और निर्मल बनाये । अगर फुलवारी का निर्माण कर रहे हों या घर के अंदर गमले सजा रहे हो तो सुनिश्चित करें कि आप ऐसे पौधे चुने जिनके पत्तो या डालियो से दूध का उत्पादन न हो। ऐसे पौधे आपके घर में शांति को बाधित कर सकते हैं, इसलिए शांति बनाये रखने के लिए लिली, गुलाब, तुलसी इत्यादि के पौधों का इस्तेमाल करें ।

5. रसोई का सही स्थान

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Kitchen Stori

Manhattan gloss kitchen in white

Kitchen Stori

आपकी रसोई को आदर्श रूप से दक्षिण-पूर्वी कोने में होना चाहिए और पूर्व में सामन का सयोंजन करना चाहिए। इसके अलावा रसोईघर के मुख्य प्रवेश के सामने कुछ न रखे और चाहे तो रसोई के निर्माताओं द्वारा रची इस खूबसूरत रसोईघर से सज्जा के सलाह ले लें ।

6. कमरों में वायु प्रवाह

कुर्सियों, तालिकाओं या सोफे जैसे फर्नीचर को ऐसे जगहों पर रखने से बचें, जो  दरवाजे या खिड़कियों से कमरों में आने वाली वायु के मार्ग में रुकावट डालता हो। अपने रहने की जगह हवादार रखें, ताकि आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आराम से स्वच्छ ताज़ा हवा का आनंद ले सकें।

7. तराज की डंडी भीतरी छत पर न लगाए

वास्तु के अनुसार, उजागर हुए छत में तराज की डंडी लगाने से  अवसाद, तर्क और बेईमानी पैदा हो सकती है। घर में शांति बनाए रखने के लिए इस तरह के सजावट से बचें।

8. रंग शक्तिशाली हैं

minimalistic Bedroom by IK-architects
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KEFIR HOME

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प्रत्येक कमरे के लिए रंग जांच परख कर चुनें, क्योंकि आपके मनोदशा पर उनका सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, उदासी, चिड़चिड़ापन, नाराज़गी इत्यादि भावो को दूर रखने के लिए हरे और सफेद रंगो का उपयोग घर के अंदर ज़रूर होना चाहिए।

9. लकड़ी के फर्नीचर को अधिमान

वर्ग या आयत जैसे नियमित आकार में बने लकड़ी के फर्नीचर आपके घर में शांति और व्यवस्था ला सकते  है।

10. खिड़की, दरवाज़ों से धूल दूर रखे

A courtyard house:  Windows by eSpaces Architects
eSpaces Architects

A courtyard house

eSpaces Architects

गंदे-धूलसारित खिड़कियां और दरवाजे आपके घर में धन के प्रवाह में बाधक हो सकते हैं इसलिए उन्हें नियमित रूप से साफ करें ।

11. दरवाज़े के लिए सही अंतरिक्ष

वास्तु के अनुसार, सभी दरवाजे और विशेष रूप से प्रवेश द्वार का पूर्ण रूप से खुलना बहुत ज़रूरी है। इस तरह, सकारात्मक ऊर्जा आसानी से और उदारता से अपने घर में प्रवेश कर सकते हैं। दरवाजों के पीछे कुछ भी न रखें जिससे उन्हें 90 डिग्री खोलने में रुकावट हो।

12. कक्ष का सही आकार


चौकोर बनावट कमरे के लिए सबसे अच्छा आकार है क्योंकि यह सद्भाव और संतुलन सुनिश्चित करता है। इसी तरह आयताकार कमरे भी शुभ हैं, लेकिन अंग्रेजी वर्णमाला के एल या टी-आकार के कमरे हानिकारक हो सकते हैं। अनियमित आकारों में कमरे में ऊर्जा का प्रवाह सही तरीके से न होने के कारन नकारात्मक ऊर्जाएं अवरोधी बन कर चिंताओं और क्लेश को जनम दे सकती है। अष्टकोणीय कमरे आपके वित्त को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जबकि त्रिकोणीय कमरे आपको प्रगति से रोक सकते हैं।

अपने घर को और सकारात्मक बनाने के लिए इन 10 पूजा कक्ष के दरवाज़ों के डिजाइन को ज़रूर देखें।

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